छत्तीसगढ़

कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना बिल खाद बेचते पकड़ा गया कृषि केंद्र, 360 बोरी उर्वरक जब्त

सोनडीह स्थित कृषि केंद्र का गोदाम सीलबंद, कालाबाजारी पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई

जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन से पहले किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने विकासखंड अकलतरा के ग्राम सोनडीह स्थित एक कृषि केंद्र पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 360 बोरी जिंकेटेड सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक जब्त कर गोदाम सीलबंद कर दिया।

जानकारी के अनुसार उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मामले की जांच के लिए उर्वरक निरीक्षक दल को ग्राम सोनडीह स्थित मेसर्स ज्ञानेश्वर कृषि केन्द्र में औचक निरीक्षण हेतु भेजा गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कृषि केंद्र द्वारा बिना रजिस्टर में दर्ज किए, बिना पीओएस मशीन के उपयोग तथा बिना बिल जारी किए किसानों को खाद का विक्रय किया जा रहा था।

अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत प्रतिष्ठान में रखी 360 बोरी जिंकेटेड सिंगल सुपर फॉस्फेट (मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड) को जब्त कर लिया। साथ ही कृषि केंद्र के गोदाम को सीलबंद कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई।

कार्रवाई दल में प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक ए.के. जाटव, उर्वरक निरीक्षक पी.आर. काटले तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी विकास मिश्रा शामिल रहे।

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं बिना बिल बिक्री जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में लगातार निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है, वहीं किसानों ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए कालाबाजारी पर सख्त नियंत्रण की मांग की है।

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