ESIC अस्पताल कोरबा की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, RTI कार्यकर्ता ने केंद्रीय स्तर पर दर्ज कराई शिकायत



विकास शर्मा ने ESIC मुख्यालय, श्रम मंत्रालय और CPGRAMS में उठाए स्वास्थ्य सुविधाओं, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे
कोरबा/जांजगीर-चांपा। कोरबा स्थित ESIC अस्पताल, रामपुर की स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर RTI एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने केंद्रीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में अस्पताल की सेवाओं, वेबसाइट पर सूचनाओं के अद्यतन, आउटसोर्सिंग एवं संविदा भर्ती प्रक्रिया तथा बीमित श्रमिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जांच की मांग की गई है।
विकास शर्मा के अनुसार उन्होंने मामले को ESIC मुख्यालय नई दिल्ली, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, सतर्कता विभाग तथा प्रधानमंत्री लोक शिकायत निवारण पोर्टल (CPGRAMS) के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा है। उनका कहना है कि कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में बीमित श्रमिक और उनके आश्रित ESIC की स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए अस्पताल में पर्याप्त एवं पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है।
संसद में भी उठ चुका है अस्पताल का मुद्दा
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में दावा किया है कि 11 फरवरी 2025 को कोरबा सांसद ज्योत्स्ना चरणदास महंत ने लोकसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से ESIC अस्पताल कोरबा से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर सांसद ज्योत्स्ना महंत का लोकसभा सदस्य के रूप में विवरण उपलब्ध है।
ESIC के आधिकारिक दस्तावेजों में भी कोरबा अस्पताल को 100 स्वीकृत बिस्तरों वाला अस्पताल बताया गया है। ESIC की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट में कोरबा अस्पताल के लिए 100 स्वीकृत बेड और 0 कमीशन किए गए बेड दर्ज हैं।
वेबसाइट पर जानकारी अपडेट करने की मांग
विकास शर्मा ने अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल की वेबसाइट पर OPD, चिकित्सकों, उपलब्ध सुविधाओं, भर्ती, टेंडर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां नियमित रूप से उपलब्ध या अपडेट नहीं हैं।
उन्होंने मांग की है कि अस्पताल की वेबसाइट पर मरीजों और आम नागरिकों के लिए आवश्यक सूचनाएं नियमित रूप से प्रकाशित की जाएं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ सके।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
शिकायत में अस्पताल में होने वाली आउटसोर्सिंग और संविदा नियुक्तियों को लेकर भी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पदवार नियुक्तियों, रिक्तियों और चयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।
उनका कहना है कि कोरबा और आसपास के क्षेत्र के योग्य युवाओं को भर्ती प्रक्रिया की स्पष्ट एवं सार्वजनिक जानकारी मिलनी चाहिए।
बीमित मरीजों की समस्याओं की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने अस्पताल में बीमित मरीजों को मिलने वाली सेवाओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं का भी उल्लेख किया है। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयां, आपातकालीन सेवाएं और रेफरल व्यवस्था शामिल हैं।
विकास शर्मा ने अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान कथित रूप से मिले जवाब को लेकर भी शिकायत में आपत्ति दर्ज कराई है। इसके अलावा उन्होंने मरीजों के साथ भाषा संबंधी दिक्कतों और रेफरल प्रक्रिया को लेकर भी जांच की मांग की है।
चार प्रमुख मांगें रखीं
शिकायत में अस्पताल की वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट करने, आउटसोर्सिंग एवं संविदा भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, शिकायतों की प्रशासनिक जांच कराने तथा अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने विशेष रूप से 24 घंटे आपातकालीन सेवा, ICU, ऑपरेशन थिएटर, पर्याप्त दवाइयों एवं आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
अब शिकायतों पर संबंधित केंद्रीय संस्थाओं द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर क्षेत्रवासियों और बीमित श्रमिकों की नजर बनी हुई है।
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