छत्तीसगढ़

बैजलपुर पंचायत में 15वें वित्त की राशि को लेकर शिकायत, जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल

विधायक प्रतिनिधि शुभम् सिंह राजपूत ने लगाए भुगतान में अनियमितता के आरोप, जांच टीम बनने के बाद शिकायतकर्ता को सूचना दिए बिना निराकरण का दावा

जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत बैजलपुर में 15वें वित्त आयोग की राशि से किए गए कथित भुगतानों को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता शुभम् सिंह राजपूत, विधायक प्रतिनिधि जांजगीर-चांपा ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी, अकलतरा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर मामले की जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। अब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद जांच टीम तो गठित की गई, लेकिन उन्हें जांच की कार्रवाई की सूचना दिए बिना ही प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में eGramSwaraj पोर्टल पर दर्ज दो भुगतानों का उल्लेख किया है। उनके अनुसार वाउचर क्रमांक XVFC/2026-27/P/1, दिनांक 20 अप्रैल 2026 में 15वें वित्त आयोग की राशि से हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 45,579 रुपये तथा वाउचर क्रमांक XVFC/2026-27/P/7, दिनांक 4 मई 2026 में स्ट्रीट लाइट मरम्मत के नाम पर 30,771 रुपये का भुगतान दर्ज है।

परिवारजन के नाम भुगतान का आरोप

शुभम् सिंह राजपूत का आरोप है कि उक्त दोनों भुगतानों में सरपंच के परिवार से संबंधित व्यक्ति के नाम पर राशि का आहरण किया गया, जबकि उनके अनुसार मौके पर संबंधित मरम्मत कार्य होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने भुगतान की वास्तविकता की जांच कराने की मांग की थी।

शिकायत में वेंडर का नाम, बैंक खाता, बिल-वाउचर, भुगतान संबंधी दस्तावेज, कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग रखी गई थी।

जांच टीम बनी, लेकिन शिकायतकर्ता को नहीं मिली सूचना

शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित की गई। हालांकि, उनके अनुसार जांच के दौरान उन्हें न तो जांच की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी दी गई और न ही जांच के निष्कर्ष से अवगत कराया गया। इसके बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब शिकायत में भुगतान और मौके पर कार्य की वास्तविकता को लेकर गंभीर बिंदु उठाए गए थे, तो जांच के दौरान शिकायतकर्ता को जानकारी दिए बिना केवल दस्तावेजी कार्रवाई के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जाना उचित नहीं है।

पुनः जांच और दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग

शुभम् सिंह राजपूत ने मांग की है कि मामले की पुनः निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही पूर्व जांच से संबंधित जांच रिपोर्ट, स्थल निरीक्षण पंचनामा, संबंधित बिल-वाउचर, भुगतान विवरण, वेंडर की जानकारी तथा अन्य अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने हैंडपंप और स्ट्रीट लाइट मरम्मत के नाम पर किए गए भुगतानों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल मामला जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और संबंधित भुगतानों की वास्तविकता के सत्यापन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए आरोपों की पुष्टि जांच एवं संबंधित शासकीय अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

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