दीपका नगर पालिका में जनहित के मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग

दीपका नगर पालिका में जनहित के मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष सक्रिय, कलेक्टर से जांच की मांग

कोरबा/दीपका: नगर पालिका परिषद दीपका में जनसुविधाओं, पेयजल व्यवस्था और शासकीय संपत्तियों के उपयोग को लेकर नेता प्रतिपक्ष हर्षित देवी राजपूत ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में नगर पालिका क्षेत्र के कुछ वार्डों में पार्षद निधि से स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि जनता की सुविधा के लिए प्रस्तावित बोरवेल ऐसे स्थानों पर लगाए जाने चाहिए जहां आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पेयजल व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
हर्षित देवी राजपूत ने कहा कि दीपका नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में गर्मी के दौरान पेयजल संकट की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में सार्वजनिक निधि से होने वाले कार्यों का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि सभी विकास कार्य पारदर्शी तरीके से हों और उनका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाए।
पुराने बस स्टैंड की स्थिति पर भी चिंता
नेता प्रतिपक्ष ने वार्ड क्रमांक 10 स्थित पुराने बस स्टैंड की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार यह परिसर लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा हुआ है, जिसके कारण वहां अव्यवस्था और अतिक्रमण की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से बस स्टैंड परिसर का निरीक्षण कराकर उसे अतिक्रमण मुक्त करने तथा जनहित में पुनर्विकसित करने की मांग की है।
कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज
हर्षित देवी राजपूत ने बताया कि दोनों मामलों से संबंधित शिकायतें कलेक्टर कार्यालय कोरबा में दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य नगर क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना और जनता के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा और आवश्यक कदम उठाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हुआ तो जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
मुख्य बिंदु
- नेता प्रतिपक्ष ने पार्षद निधि से जुड़े कार्यों की जांच की मांग की।
- पेयजल संकट और सार्वजनिक निधि के उपयोग पर सवाल उठाए गए।
- वार्ड 10 स्थित पुराने बस स्टैंड के पुनर्विकास की मांग की गई।
- कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कर प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की गई।




