जांजगीर-चांपा: फर्जी सिविल इंजीनियरों पर शिकंजा कसने की तैयारी, 15 अगस्त को होगी वैध इंजीनियरों की सम्मान सूची जारी

जांजगीर-चांपा। जिले के विभिन्न नगरीय निकायों में स्वयं को सिविल इंजीनियर बताकर भवन निर्माण कार्य लेने वाले कथित फर्जी इंजीनियरों और अवैध ठेकेदारों के खिलाफ अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। श्री राम मजदूर कल्याण समिति ने ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक होने पर एफआईआर कराने की बात कही है।
समिति का कहना है कि कुछ लोग बिना वैधानिक योग्यता और मान्यता के सस्ते दरों का लालच देकर भवन निर्माण के ठेके लेते हैं, मकान मालिकों से अग्रिम राशि वसूलते हैं और बाद में निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देते हैं। आरोप है कि ऐसे लोग भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं, क्रेशर संचालकों तथा अन्य व्यवसायियों से उधार में सामान लेकर भुगतान भी नहीं करते, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। कई मामलों में श्रमिकों का मेहनताना भी समय पर नहीं दिया जाता।
समिति के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से न केवल आम नागरिकों को नुकसान होता है, बल्कि वैधानिक रूप से शिक्षित और पंजीकृत सिविल इंजीनियरों की छवि भी प्रभावित होती है। साथ ही, संबंधित नगरीय निकायों के भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन होने पर मकान मालिक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
श्री राम मजदूर कल्याण समिति के सचिव रामकुमार मन्नेवार और बुधराम साहू ने बताया कि समिति गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य करने वाले कथित फर्जी ठेकेदारों और स्वयं को इंजीनियर बताकर कार्य करने वाले लोगों के विरुद्ध संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग करेगी। इसके लिए एक विशेष दल भी गठित किया जा रहा है।
समिति ने यह भी घोषणा की कि 15 अगस्त को जिले के योग्य एवं सम्मानित सिविल इंजीनियरों का सम्मान समारोह और रात्रि भोज आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर अनुभवी एवं वैध इंजीनियर-ठेकेदारों की सूची जारी करने तथा अवैध रूप से कार्य करने वालों के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने पर भी चर्चा की जाएगी।




