सुशासन तिहार में शिकायत निपटारे पर उठे सवाल, फर्जी आवेदन लगाकर शिकायत बंद करने का आरोप


जांजगीर-चांपा। जिले में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम बिरगहनी निवासी एवं विधायक प्रतिनिधि गोपी यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत को उनकी जानकारी और सहमति के बिना फर्जी शिकायत वापसी आवेदन के आधार पर ऑनलाइन निराकृत कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, गोपी यादव ने गांव में कोयला राखड़ के अवैध डंपिंग एवं परिवहन को लेकर सुशासन तिहार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता ऑनलाइन पोर्टल पर कार्रवाई की स्थिति देख रहे थे, तभी उन्हें शिकायत के निराकरण की जानकारी मिली।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत बंद करने के लिए उनके नाम से एक कथित आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी शिकायत वापस लेने का आवेदन नहीं दिया। इसे गंभीर फर्जीवाड़ा बताते हुए उन्होंने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
गोपी यादव का कहना है कि यदि किसी शिकायतकर्ता के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर शिकायतों का निराकरण किया जाता है, तो इससे न केवल शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास भी कमजोर पड़ता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। वहीं शिकायतकर्ता ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।



