छत्तीसगढ़

चांपा के भालेराव मैदान में गूंजा ‘जय श्रीराम’, रावण दहन देखने उमड़ा जनसैलाब

विधायक एवं कलाकार अनुज शर्मा की शानदार प्रस्तुति ने बांधा समां, बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा की मौजूदगी रही आकर्षण का केंद्र; जिले में 15 दिनों तक चलेगा दशहरा उत्सव

चांपा। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व चांपा में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। भालेराव मैदान में चांपा दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। राम-रावण युद्ध के मंचन, धार्मिक प्रस्तुतियों, शानदार आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच जैसे ही रावण के पुतले का दहन हुआ, पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा।

इस वर्ष दशहरा उत्सव में धरसींवा विधायक एवं छत्तीसगढ़ी कलाकार अनुज शर्मा की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, बॉलीवुड अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जया प्रदा की मौजूदगी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। दोनों कलाकारों की उपस्थिति से आयोजन की रौनक बढ़ गई और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

शाम से ही उमड़ने लगी भीड़

भालेराव मैदान में शाम छह बजे से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। चांपा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ दशहरा उत्सव देखने पहुंचे। आयोजन के दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इससे पहले टेलीविजन स्क्रीन पर राम-रावण युद्ध का प्रसंग प्रदर्शित किया गया। वहीं, बच्चों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के रूप में धार्मिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं के पालन के बाद रावण दहन संपन्न हुआ। इस दौरान हुई आकर्षक आतिशबाजी ने उत्सव के माहौल को और भी भव्य बना दिया। रावण के पुतलों में आग लगते ही मैदान में मौजूद लोगों ने श्रीराम के जयकारे लगाए। बच्चों ने गीत-संगीत और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।

भालेराव मैदान में दशहरा आयोजन की पुरानी परंपरा

चांपा के भालेराव मैदान में दशहरा आयोजन की अपनी अलग पहचान है। स्थानीय स्तर पर इसे नगर के पुराने दशहरा आयोजनों में से एक माना जाता है। हर वर्ष इस आयोजन में चांपा शहर के साथ आसपास के गांवों से भी लोग शामिल होते हैं। दशहरा उत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और विजयादशमी के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।

15 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर होगा रावण दहन

विजयादशमी का पर्व भले ही परंपरागत रूप से एक दिन मनाया जाता है, लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में दशहरा उत्सव का सिलसिला कई दिनों तक जारी रहता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं तथा आयोजकों की सुविधा के अनुसार अलग-अलग तिथियों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इसी क्रम में जिले के विभिन्न स्थानों पर लगभग 15 दिनों तक अलग-अलग दिनों में रावण दहन और दशहरा उत्सव आयोजित किए जाएंगे। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। अलग-अलग स्थानों पर होने वाले आयोजनों के चलते विजयादशमी का उल्लास कई दिनों तक बना रहता है।

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