चांपा थाने के आरक्षक पर मारपीट का आरोप, CM हेल्पलाइन पहुंचा मामला; कार्रवाई पर नजर



स्थानीय निवासी आरक्षक ईश्वरी राठौर पर पद के कथित दुरुपयोग और मारपीट के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
चांपा। थाना चांपा में स्थानीय निवासी पुलिसकर्मियों की बार-बार पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच चांपा थाने में पदस्थ आरक्षक ईश्वरी राठौर पर पद के कथित दुरुपयोग और मारपीट के आरोप सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्थानीय थाना क्षेत्र के निवासी होने के बावजूद आरक्षक की चांपा थाने में बार-बार पदस्थापना किन परिस्थितियों में की जा रही है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। कुछ लोगों ने उनकी कथित ऊंची पहुंच के चलते बार-बार चांपा में पदस्थापना होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व में भी मारपीट के आरोप
आरक्षक ईश्वरी राठौर के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट से जुड़े आरोप सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जाता है कि अप्रैल 2021 में चांपा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसे घायल करने का आरोप लगा था।
इसके बाद अप्रैल 2023 में स्टेशन रोड स्थित एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान से जुड़े विवाद में दुकान बंद करने में देरी को लेकर व्यापारी के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप सामने आया था।
1 सितंबर को फिर सामने आया विवाद
अब 1 सितंबर 2026 को कार्रवाई के दौरान पकड़े गए एक आरोपी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस संबंध में संबंधित व्यक्ति द्वारा लिखित शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा भी मामले को लेकर CM हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आई है।
लगातार सामने आ रहे आरोपों के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे मामले की निष्पक्ष और वरिष्ठ स्तर से जांच होगी?
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी की भूमिका और विभागीय जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।
उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
एक ही पुलिसकर्मी के खिलाफ अलग-अलग समय पर मारपीट और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं कि वे शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच कब शुरू होती है।
नोट: आरक्षक ईश्वरी राठौर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह खबर उपलब्ध शिकायतों और लगाए गए आरोपों के आधार पर है। पुलिस विभाग अथवा संबंधित आरक्षक का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।




