महुदा में अवैध कोयला कारोबार का भंडाफोड़, बलौदा और सक्ती वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 30 भट्ठे ध्वस्त









महुदा में अवैध कोयला कारोबार का भंडाफोड़, बलौदा और सक्ती वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 30 भट्ठे ध्वस्त
जांजगीर-चांपा। चांपा नगर से लगे ग्राम महुदा में संचालित किए जा रहे अवैध चारकोल (कोयला) निर्माण कारोबार पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 भट्ठों को ध्वस्त कर दिया। बलौदा एवं सक्ती वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महुदा गांव के नदी तट के समीप एक निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर चारकोल निर्माण का कार्य किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर बलौदा और सक्ती वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान न तो कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर उपस्थित मिला और न ही भट्ठों के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चारकोल भट्ठा स्थापित करने और उसका संचालन करने के लिए संबंधित विभागों से वैधानिक अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। प्रारंभिक जांच में ऐसे किसी भी दस्तावेज की पुष्टि नहीं होने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर निर्मित सभी भट्ठों को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में लकड़ी और तैयार कोयला भी जब्त किया गया। साथ ही पूरे परिसर को सील कर आगे की जांच प्रारंभ कर दी गई है। वन अधिकारियों का कहना है कि मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार भूमि स्वामी द्वारा पंचायत के समक्ष जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन चारकोल निर्माण के लिए आवश्यक अन्य अनुमतियों और स्वीकृतियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यही कारण है कि वन विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच पूरी होने के बाद वन विभाग दोषियों के खिलाफ क्या कठोर कदम उठाता है।
रिपोर्ट : शुभम सिंह राजपूत
अग्निपथ न्यूज़ | जांजगीर-चांपा


