सरपंच से गाली-गलौज और झूठे केस में फंसाने का आरोप, ग्रामीणों ने किया थाना घेराव


झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप, ASP बोले- आरोप निराधार; जमीन सीमांकन बना विवाद की वजह
सक्ती। सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पलाड़ीकलां में शुक्रवार को जमीन सीमांकन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। थाना प्रभारी पर झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी, सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार और पैसे लेकर जमीन पर कब्जा कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने बाराद्वार थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के थाना प्रभारियों, तहसीलदार एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान सरपंच और थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस भी हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
वहीं, एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद थी और किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं किया गया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हो रहा था सीमांकन
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में ग्राम पंचायत डेरागढ़ निवासी बसंतलाल और संतोष जायसवाल की निजी भूमि पर तालाब पार एवं आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कर दिया गया था। प्रभावितों को न तो मुआवजा मिला और न ही वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई गई। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के निर्देश के पालन में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने 20 सितंबर 2024 को प्रभावितों को ग्राम पलाड़ीकलां में वैकल्पिक भूमि आवंटित करने और सीमांकन कराने के आदेश दिए थे। इसी सीमांकन कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ गया और मामला थाना घेराव तक पहुंच गया।




