जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: वेंटीलेटर खराब होने से मरीज हो रहे रेफर, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


जांजगीर-चांपा। जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अस्पताल का जीवन रक्षक वेंटीलेटर (ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम) लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को उपचार देने के बजाय अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बरसात के मौसम में प्रतिदिन सर्पदंश (सांप काटने) के कई मरीज जिला चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। हाल ही में कोसमंदा के एक सर्पदंश पीड़ित को भी वेंटीलेटर खराब होने की बात कहकर अन्यत्र रेफर कर दिया गया। इससे समय पर उपचार मिलने में कठिनाई हुई।
इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि इस विषय में सिविल सर्जन जानकारी देंगे। वहीं बताया गया कि सिविल सर्जन वर्तमान में आंध्र प्रदेश गए हुए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिला कलेक्टर को भी मामले की जानकारी दी गई, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका।
स्थानीय विधायक को भी अस्पताल की अव्यवस्था से अवगत कराया गया। आरोप है कि विधायक ने कहा कि उन्होंने इस विषय को विधानसभा में भी उठाया था, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर लगातार उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, लेकिन जिला चिकित्सालय में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के खराब रहने और गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि जीवन रक्षक उपकरण ही चालू नहीं हैं, तो आम जनता को इसका लाभ कैसे मिलेगा।
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो इस मामले की शिकायत राज्य शासन सहित प्रधानमंत्री जन शिकायत (PM Grievance) पोर्टल पर भी की जाएगी।



