जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम ने योजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश

जांजगीर-चांपा, 27 जुलाई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचना चाहिए तथा विकास कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरे किए जाएँ।
बैठक में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति, एसएनए स्पर्श, ई-केवाईसी, युक्तधारा ग्राम सभा, जल संरक्षण कार्यों तथा आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की गई। सीईओ ने सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रोजगार सृजन को गति देने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, एफएसटीपी, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण, बायोगैस संयंत्र तथा निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने, जियो टैगिंग, समयबद्ध भुगतान तथा हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, क्षमता विकास योजना, नवीन ग्राम पंचायत भवन, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, 15वें वित्त आयोग के कार्यों एवं अन्य निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों, एफपीओ, लखपति दीदी अभियान, क्लस्टर विकास, वित्तीय प्रबंधन, प्रशिक्षण, विपणन एवं रोजगारोन्मुखी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को आजीविका संवर्धन के लिए नवाचार आधारित पहल करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सामाजिक अंकेक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना के सामाजिक अंकेक्षण तथा लंबित एटीआर प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से सभी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास हो और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
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