सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और लूट के लिए हत्या की घटना से बढ़ी चिंता



जांजगीर-चांपा। जिले में नाबालिगों एवं युवाओं द्वारा चाकू तथा अन्य हथियारों के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की घटनाओं के बीच कुछ दिनों पूर्व सामने आई एक हत्या की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, खोखरा निवासी राधेश्याम सूर्यवंशी के साथ लिफ्ट देने के बहाने कथित तौर पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया और इसी दौरान चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिले में अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों और हथियार रखने वालों पर पुलिस की निगरानी कितनी प्रभावी है।
एक ओर सोशल मीडिया पर चाकू एवं अन्य हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन करते हुए वीडियो सामने आते हैं, वहीं दूसरी ओर लूट और हिंसा जैसी घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। खासकर नाबालिगों के अपराध में शामिल होने के मामलों को लेकर भी समाज और पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
हाल ही में संघर्षरत बालिका द्वारा कमर में चाकू रखकर वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। यदि संबंधित लड़की नाबालिग है तो उसके संबंध में कानून के अनुसार किशोर न्याय प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन ऐसे मामलों के बाद यह जरूरी हो जाता है कि पुलिस सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले तथा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे।
राधेश्याम सूर्यवंशी की हत्या जैसी घटना यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या अपराध होने से पहले संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई हो रही है? यदि हथियारों का अवैध इस्तेमाल और अपराधी प्रवृत्तियों पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस प्रशासन जिले में हथियारों के अवैध इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और आपराधिक गतिविधियों की प्रभावी निगरानी करे, ताकि किसी संभावित गंभीर अपराध को समय रहते रोका जा सके।




