“अतिक्रमण हटाने में पक्षपात का आरोप: निगम कर्मचारी के कथित अवैध निर्माण पर क्यों नहीं चली जेसीबी?”








वार्ड 28 में शासकीय भूमि पर कब्जे का मामला गरमाया, आयुक्त से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
निगम का बुलडोजर आम लोगों पर चला, कर्मचारी के कथित अवैध निर्माण पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, निगम कर्मचारी को बचाने के आरोप के साथ आयुक्त से शिकायत
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्रमांक 28 स्थित अंबेडकर भवन के समीप हाल ही में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन इस कार्रवाई के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने निगम आयुक्त को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि जहां एक ओर आम लोगों के निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया, वहीं निगम के ही एक कर्मचारी द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए कथित अवैध निर्माण को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
शिकायत के अनुसार निगम के सफाई वाहन चालक मनोज बक्सेल द्वारा शासकीय भूमि पर मकान निर्माण कर कब्जा किया गया है। आरोप है कि 14 जून को निगम के तोड़ू दस्ते ने क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अन्य लोगों के बाउंड्रीवाल और निर्माणों को तोड़ दिया, लेकिन संबंधित कर्मचारी के निर्माण को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
इस मामले ने अब प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि शासकीय भूमि पर किया गया निर्माण अवैध है तो कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। आम नागरिकों के खिलाफ सख्ती और अपने ही कर्मचारी के मामले में नरमी आखिर क्यों बरती गई?
शिकायत पत्र में निगम अधिकारियों और कर्मचारी के बीच कथित सांठगांठ की आशंका भी जताई गई है। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो शासकीय भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जनता पूछ रही है…
🔹 क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में दोहरे मापदंड अपनाए गए?
🔹 निगम कर्मचारी के कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?
🔹 क्या निगम के भीतर किसी प्रभाव के चलते कार्रवाई रोकी गई?
🔹 क्या आयुक्त मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएंगे?
अब पूरे मामले में निगम प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल अतिक्रमण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही का भी बन सकता है।


