गुंडा-निगरानी बदमाशों का मांगा पूरा हिसाब, एसपी ने दिए कड़े दिशा-निर्देश




कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण, एसपी ने दिए सख्त निर्देश
गुंडा-निगरानी बदमाशों से लेकर CCTNS और मालखाने तक की गहन जांच, महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर जोर
जांजगीर-चांपा, 18 जून 2026। जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने गुरुवार को थाना कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, CCTNS व्यवस्था, मालखाना, शस्त्रागार, लंबित प्रकरणों तथा पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण की शुरुआत परेड से हुई, जहां पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता का परीक्षण किया। उन्होंने थाना क्षेत्र के गुंडा, निगरानीशुदा एवं आदतन बदमाशों की गतिविधियों, लंबित मामलों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। संतोषजनक उत्तर देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
CCTNS पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान एसपी ने CCTNS ऑपरेटर से डेटा एंट्री एवं रिकॉर्ड अपडेट की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि CCTNS आधुनिक पुलिसिंग की रीढ़ है और इसमें किसी भी प्रकार की लंबित प्रविष्टि नहीं होनी चाहिए। एफआईआर से लेकर चालान तक प्रत्येक कार्रवाई ऑनलाइन अपडेट रहे, जिससे पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके।
निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित एफआईआर के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फरियादियों की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा महिला एवं संवेदनशील अपराधों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यवाही निष्पक्ष, पारदर्शी और जनहितकारी होनी चाहिए।
जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
एसपी पाण्डेय ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को आमजन के प्रति संवेदनशील, मित्रवत और जवाबदेह व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।
अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान अवैध शराब, गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा गुंडा, निगरानी एवं आदतन बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
अपराध विवेचना की समीक्षा
पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराधों एवं विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए विवेचकों को गंभीर एवं संवेदनशील मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल अपराधों की प्राथमिकता के आधार पर विवेचना तथा न्यायालयीन कार्यवाही को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के अंत में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और जनता के प्रति जवाबदेही ही प्रभावी पुलिसिंग की पहचान है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।


