डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में पंचवर्षीय योजना पर मंथन, करोड़ों की निधि के उपयोग की बनी रूपरेखा




खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर फोकस, शिक्षा-स्वास्थ्य को मिलेगी प्राथमिकता
जांजगीर-चांपा, 23 जून। जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना एवं वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक स्वर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में डीएमएफ निधि से संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्णय लिया गया कि उपलब्ध बजट का उपयोग केवल स्वीकृत वार्षिक एवं पंचवर्षीय कार्ययोजनाओं के अनुरूप किया जाएगा। खनिज प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बताया कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, आवास, सिंचाई, ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में डीएमएफ निधि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित इलाकों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए निजी सहभागिता एवं आंशिक वित्तपोषण के माध्यम से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि डीएमएफ निधि का लाभ सीधे खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण तथा अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने की आवश्यकता बताई।
बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक ब्यास कश्यप, राघवेंद्र कुमार सिंह, बालेश्वर साहू, शेषराज हरबंश, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता आनंद मिरी, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, डीएफओ हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
- शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता।
- खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार।
- डीएमएफ निधि से सड़क, सिंचाई, आवास और अधोसंरचना विकास को बढ़ावा।
- पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान पर विशेष जोर।
- जनप्रतिनिधियों ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों की मांग की।




