टोल वसूला, सड़क डुबो दी! NH-49 और NH-130 पर जलभराव को लेकर NHAI के खिलाफ मोर्चा, ₹1 लाख मुआवजे की मांग



NH-49 और NH-130 पर जलभराव से घंटों ठप रहा यातायात, NHAI पर लापरवाही का आरोप; सामाजिक कार्यकर्ता ने मांगा ₹1 लाख मुआवजा
जांजगीर-चांपा/बिलासपुर/रायपुर। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद चांपा-बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-49 और NH-130 पर भारी जलभराव और कई किलोमीटर लंबे जाम ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दर्रीघाट, मोहतरा और बिलासपुर-सिमगा मार्ग पर जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से सड़क पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस पूरे मामले को लेकर चांपा के आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए परियोजना निदेशक, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, राज्यपाल तथा प्रधानमंत्री कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी है।
शिकायत में विकास शर्मा ने आरोप लगाया है कि मानसून से पहले हाईवे पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग तालाब में तब्दील हो गया और आम जनता को भारी आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने शिकायत में ₹1 लाख के मुआवजे, यात्रा के लिए किराए पर लिए गए निजी वाहन के ₹5,000 किराए की प्रतिपूर्ति तथा जलभराव के बावजूद वसूले गए टोल टैक्स को वापस करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब सड़क उपयोग योग्य ही नहीं थी, तब भी वाहनों से FASTag के माध्यम से टोल वसूला गया, जो उपभोक्ताओं के अधिकारों के विपरीत है।
विकास शर्मा ने यह भी कहा कि जाम के कारण कई एम्बुलेंस घंटों तक फंसी रहीं, मरीजों की जान जोखिम में पड़ी, नौकरीपेशा लोग समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके तथा कई विद्यार्थी परीक्षा और महत्वपूर्ण कार्यों से वंचित रह गए।
उन्होंने कहा कि NHAI का दायित्व सुरक्षित, सुगम और बाधारहित राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध कराना है। यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उपभोक्ता आयोग तथा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह शिकायत संबंधित विभागों को आधिकारिक रूप से ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है और आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। अब लोगों की नजर NHAI और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।



