छत्तीसगढ़

पुरानी पेंशन कर्मचारियों बहाली की मांग ने पकड़ा जोर, विधायक व्यास कश्यप को सौंपा ज्ञापन

Regional अधिकार मंच मड़वा ने कहा—पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा का सवाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा में उठेगी आवाज

जांजगीर-चांपा। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग अब एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में 13 सितंबर 2026 को OPS बहाली Regional अधिकार मंच मड़वा के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप से मुलाकात कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक के समक्ष कर्मचारियों की प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि OPS केवल पेंशन व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि वर्षों तक शासकीय सेवा देने वाले कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। मंच ने मांग की कि इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष गंभीरता से रखा जाए और विधानसभा में भी कर्मचारियों की आवाज बुलंद की जाए।

विधायक से दो टूक आग्रह—मुख्यमंत्री और विधानसभा में उठाएं मुद्दा

ज्ञापन सौंपते हुए मंच के पदाधिकारियों ने विधायक व्यास कश्यप से आग्रह किया कि वे माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से रखें तथा विधानसभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं।

प्रतिनिधियों का कहना है कि कर्मचारियों में पुरानी पेंशन को लेकर लंबे समय से मांग बनी हुई है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। मंच ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय की दिशा में आगे बढ़ेगी।

विधायक ने दिया आश्वासन

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधायक व्यास कश्यप ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष रखने के साथ ही विधानसभा में भी दृढ़ता से उठाने का प्रयास करेंगे।

विधायक के आश्वासन के बाद मंच के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांग को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा।

अब नजर सरकार के अगले कदम पर

OPS बहाली को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद अब निगाहें राज्य सरकार और विधानसभा में होने वाली आगामी पहल पर टिक गई हैं। कर्मचारियों की यह मांग यदि राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठती है, तो आने वाले दिनों में OPS बहाली का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत में प्रमुखता से उभर सकता है।

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