छत्तीसगढ़

बारिश के बीच खेतों तक पहुंचे कलेक्टर

डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन और नक्शा बटांकन की जमीनी प्रगति का लिया जायजा

जांजगीर-चांपा, 26 अगस्त 2026। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन एवं राजस्व संबंधी कार्यों की वास्तविक प्रगति का जायजा लेने कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे आज बारिश के बीच ग्राम पेंड्री एवं पुटपुरा पहुंचे। उन्होंने खेतों तक पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का मौके पर निरीक्षण किया और सर्वेयरों से कार्य की स्थिति की जानकारी ली।

कलेक्टर ने सर्वेयरों को निर्देशित किया कि प्रत्येक खेत का मौके पर बारीकी से सर्वे किया जाए और खेत में बोई गई वास्तविक फसल के अनुरूप ही डिजिटल प्रविष्टि दर्ज की जाए। उन्होंने पटवारियों को सर्वेयरों द्वारा की गई प्रविष्टियों के अनुमोदन में विशेष सावधानी बरतने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के निर्देश दिए।

एग्रीस्टैक पंजीयन की भी ली जानकारी

कलेक्टर श्री महोबे ने दोनों ग्रामों में एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मैदानी अमले से अब तक किए गए पंजीयन, शेष किसानों की संख्या तथा पंजीयन के दौरान आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली।

उन्होंने पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा किसानों को पंजीयन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी एवं मैदानी अमला नियमित रूप से गांवों और खेतों में पहुंचकर कार्यों का सत्यापन एवं पर्यवेक्षण करें।

नक्शा बटांकन में लापरवाही पर सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नक्शा बटांकन की प्रगति का भी जायजा लिया। पूर्व में राजस्व संबंधी बैठकों में नक्शा बटांकन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

इसी क्रम में उन्होंने मौके पर पहुंचकर नक्शा बटांकन की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया तथा राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भू-खण्डों की सीमाओं एवं स्वीकृत परिवर्तनों को नियमानुसार दर्ज किया जाए और राजस्व नक्शों को अद्यतन रखा जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की त्रुटि, विसंगति अथवा अस्पष्टता सामने आने पर तत्काल तहसीलदार अथवा राजस्व निरीक्षक के संज्ञान में लाकर नियमानुसार उसका निराकरण किया जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों में सटीकता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षक भू-अभिलेख श्री विनय पटेल, तहसीलदार श्री शशिभूषण सोनी, नायब तहसीलदार सुश्री वर्षा अग्रवाल, राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी सहित राजस्व अमला उपस्थित रहा।

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